‘भारत कोकिला’ सरोजिनी नायडू की पुण्यतिथि पर राजनीतिक हलकों में श्रद्धा की लहर दौड़ गई। योगी आदित्यनाथ, पुष्कर सिंह धामी जैसे प्रमुख नेता सहित अनेक हस्तियों ने एक्स पर पोस्ट कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें नारी सशक्तीकरण की मिसाल बताते हुए कहा कि उनकी वाणी ने जन-जन में राष्ट्रभक्ति का अलख जगाया। उत्तर प्रदेश की पहली महिला गवर्नर के रूप में उनका स्थान अविस्मरणीय है।
धामी ने उनके स्वाधीनता आंदोलन में अतुलनीय योगदान, काव्य प्रतिभा और सामाजिक सेवाओं का गुणगान किया। ब्रजेश पाठक ने संक्षिप्त लेकिन भावुक श्रद्धांजलि दी। सम्राट चौधरी ने उनके साहसिक जीवन, कविताओं और महिलाओं के लिए संघर्ष को रेखांकित किया।
रवि किशन ने उन्हें सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिज्ञ और स्वतंत्रता वीरांगना की उपाधियों से नवाजा। कांग्रेस ने उनकी न्याय, समानता और स्वतंत्रता के प्रति निष्ठा को याद किया।
सरोजिनी नायडू ने लंदन से शिक्षा ग्रहण की और गांधीजी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले। नमक सत्याग्रह से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष पद तक उनका सफर प्रेरणादायी है। 1949 में उनका देहांत हुआ, लेकिन कृतित्व अमर है।
ये श्रद्धांजलियां दर्शाती हैं कि सरोजिनी जी की प्रासंगिकता आज भी बरकरार है। युवा पीढ़ी को उनके जीवन से कविता, वक्तृत्व और देशसेवा का संदेश मिलता है।