मणिपुर के मोरेह में भारत-म्यांमार सीमा पर रविवार को जंगल में लगी आग ने हंगामा मचा दिया, लेकिन सेना के जवान सतर्कता से आग पर काबू पा गए। इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट और फ्रेंडशिप ब्रिज के पास यह आग संवेदनशील इलाके को नुकसान पहुंचा सकती थी।
रक्षा अधिकारियों के अनुसार, टेंग्नौपाल जिले में सीमा पर तैनात पिकेट ने धुआं देखकर तुरंत पहुंचे। फायरफाइटिंग उपकरणों और फायर लाइनों के जरिए आग को घेरा गया। टीम वर्क से आग न फैल सकी और जरूरी बुनियादी ढांचे को बचाया गया।
बुझाने के बाद पूरे इलाके पर नजर रखी गई। कोई जानी या आर्थिक नुकसान नहीं हुआ। यह कांड बॉर्डर फोर्सेस की चौकसी, पर्यावरण रक्षा और स्थानीय सुरक्षा के प्रति निष्ठा को प्रमाणित करता है।
1,643 किमी की खुली भारत-म्यांमार सीमा पर मोरेह महत्वपूर्ण ट्रेड पॉइंट है, जो चार पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ती है। 72.67 करोड़ में बने 45.58 एकड़ आईसीपी मोरेह 1,360 किमी त्रिपक्षीय हाईवे का हिस्सा है। ब्रिज म्यांमार के कलेवा से जुड़ता है।
इस घटना ने सैन्य तैयारियों की मिसाल पेश की, जो क्षेत्रीय एकीकरण को मजबूत बनाएगी।