प्रधानमंत्री आवास पर रविवार को उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक ने जोर पकड़ा। नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) में राजनाथ सिंह, अमित शाह, जयशंकर, निर्मला सीतारमण, अजीत डोभाल और विक्रम मिस्री ने हिस्सा लिया। मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के संदर्भ में यह बैठक हो रही है।
यूएस-इजरायल के ईरानी ठिकानों पर हमले और उसके जवाब में हुई मुठभेड़ों से अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरें उभरी हैं। इससे क्षेत्रीय युद्ध का खतरा मंडरा रहा है, जो वैश्विक सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।
भारत की शीर्ष सुरक्षा संस्था सीसीएस खाड़ी में भारतीय प्रवासियों की हिफाजत, ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री गलियारों और कूटनीतिक कदमों पर विचार कर रही है। भारत ने संतुलित नीति अपनाते हुए शांति की वकालत की है।
चर्चा में इमरजेंसी एक्शन प्लान, कच्चे तेल की कीमतों का प्रबंधन और वैश्विक साझेदारों से समन्वय शामिल हो सकता है। यह सिलसिले की ताजा बैठक भारत की सजगता को रेखांकित करती है।
परिणामस्वरूप भारत मजबूत रुख अपनाएगा, जो उसके सामरिक हितों की रक्षा करेगा।