नांगलोई। दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को स्थानीय रघुनाथ धर्मशाला में सावित्री देवी गोयल इंस्टीट्यूट का शुभारंभ किया। सेवा भारती के सहयोग से बने इस कंप्यूटर शिक्षा केंद्र और रीडिंग रूम को उन्होंने ‘विकसित भारत@2047’ अभियान का अभिन्न अंग माना।
कार्यक्रम में गुप्ता ने स्पष्ट कहा, ‘प्रत्येक ऐसा केंद्र हमें डिजिटल भारत की ओर ले जाता है।’ कंप्यूटर शिक्षा को आधुनिक जीवन की बुनियादी जरूरत बताते हुए उन्होंने डिजिटल साक्षरता पर जोर दिया।
छात्र काल की स्मृतियों में खोते हुए उन्होंने दिल्ली इकोनॉमिक्स के पास रतन टाटा लाइब्रेरी का उल्लेख किया, जो आईएएस-आईपीएस जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आदर्श था। इसी तरह यह नया केंद्र युवाओं के सपनों को पंख देगा।
समाजजनों से अपील की कि वे केंद्र को सामूहिक जिम्मेदारी मानें। किताबें दान करें, समय दें या धनराशि का योगदान दें। गोयल परिवार और सेवा भारती द्वारा 15 कंप्यूटर लगाने के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
यह केवल भवन नहीं, बल्कि प्रतिभाशाली युवाओं के लिए अवसरों का सृजन है, खासकर गरीब परिवारों के बच्चों के लिए। विशाल ने डिजिटल सशक्तिकरण और समावेशी विकास पर बल दिया। सस्ते में शिक्षा देकर केंद्र छात्रों को मजबूत बनाएगा।
गुप्ता का मानना है कि इससे प्रेरित होकर और केंद्र बनेंगे, जो समाज में सेवा, अनुशासन व सीखने की भावना को बढ़ावा देंगे। अंततः राष्ट्रहित में यह कदम ऐतिहासिक साबित होगा।