मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जापान दौरा बच्चों के साथ अनमोल पलों से सजा। यामानाशी में एक बच्चे ने ‘कर्पूरगौरं’ मंत्र सुना दिया, बीच में अटक गया तो सीएम ने पूरा कर आत्मविश्वास जगाया। भारतीय परंपराओं को अपनाने पर आशीर्वाद दिया। ‘गुरुर्ब्रह्मा’ का सामूहिक जाप, पैर पूजना और चॉकलेट वितरण ने माहौल को भावुक कर दिया। परिवारों को विदेशी धरती पर संस्कृति निभाने के लिए बधाई दी।
उत्तर प्रदेश में योगी जी का बच्चों से गहरा लगाव जगजाहिर है। खुशी गुप्ता की आवाज लौटाई, अंजना भट्ट का घर 24 घंटे में आजाद कराया, अनाबी अली, मायरा, वाची को स्कूल भेजा, पंखुड़ी की चिंता दूर की। अनाथ शिवांशु-अजय को पढ़ाई व सहायता दिलाई। जनता दर्शन में कैंसर रोगी को एम्बुलेंस से अस्पताल, गोरखपुर सर्किट हाउस से पार्क बच्चों तक पहुंचना, हेलीकॉप्टर सवारी, उत्तराखंड में फूलों का आदान-प्रदान—ये सब उनकी वात्सल्य भावना दर्शाते हैं।
गणतंत्र दिवस परेड में फोटो सेशन, मकर संक्रांति पर मासूम इच्छा पूरी करने का ठहराव। बच्चे बेझिझक भावनाएं व्यक्त करते हैं—सैल्यूट, कविताएं सुनाते हैं। योगी जी का कोमल हृदय सुशासन के कठोर रूप के साथ जनता के प्रति समर्पण दिखाता है। पूरा प्रदेश उनका पारिवारिक विस्तार है।