अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के आध्यात्मिक नेता अयातुल्ला खामेनेई शहीद हो गए। ईरान प्रतिक्रिया में सक्रिय है, लेकिन भारत के लखनऊ में शिया विद्वानों ने रमजान के दौरान वैश्विक सहयोग से संघर्ष समाप्त करने की मांग की है।
इस्लामिक सेंटर के प्रमुख मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने इसे क्रूरता की हद बताया। स्वतंत्र ईरान पर हमला और खामेनेई की हत्या अंतरराष्ट्रीय नियमों का अपमान है। उन्होंने युद्ध रोकने हेतु संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर जोर दिया।
रमजान की पवित्रता के बीच युद्ध निंदनीय है। दोषियों को वैश्विक अदालतों में सजा मिले और देश में शांति बनी रहे, ऐसी अपील की।
शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने शोक संदेश जारी कर तीन दिवसीय कालोनी घोषित की। ईरान का जबरदस्त प्रतिउत्तर होगा, इजरायल विरोधी धरने होंगे। उन्होंने इंसानियत के नाते ईरान का साथ देने को कहा।
ये बयान क्षेत्रीय तनाव कम करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समाज को तुरंत कदम उठाने होंगे।