सीबीआई द्वारा दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट 9 मार्च को सुनवाई करेगा, जिसमें आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 लोगों को दिल्ली शराब नीति मामले में बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को उलटने की मांग है।
जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की बेंच इसकी समीक्षा करेगी। निचली अदालत के विशेष जज जितेंद्र सिंह ने 1100 पैराग्राफ के फैसले में सीबीआई के प्रमाण को ‘निरर्थक’ बताया। गवाह बयानों और दस्तावेजों से कोई प्रथमदृष्टया मामला नहीं बना।
मुकदमे के बिना साक्ष्य पर आरोपियों को परेशान करना अन्याय होगा, अदालत ने कहा। केस 2021-22 की विवादित शराब नीति का है, जिसे रिश्वत और भ्रष्टाचार के दबाव में वापस लिया गया।
सीबीआई ने आरोप लगाया कि नीति ‘साउथ ग्रुप’ जैसी कंपनियों को लाभ देने के लिए डिजाइन की गई, चुनावी बॉन्ड के रूप में पैसे मिले और सरकारी नुकसान हुआ। अदालत ने इसे खारिज कर प्रक्रिया की पुष्टि की।
केजरीवाल ने केस को ‘मनगढ़ंत’ करार दिया, सिसोदिया को पार्टी ने समर्थन दिया। दिल्ली भाजपा के मनोज तिवारी ने कहा जश्न जल्दी खत्म हो सकता है, हाईकोर्ट पलटाव लाएगा। उन्होंने फोन-सिम नष्ट करने और नीति रद्दगी पर उंगली उठाई।
यह लड़ाई AAP की छवि और आने वाले चुनावों पर असर डालेगी। न्याय का फैसला सभी देखेंगे।