मध्य प्रदेश में किसान संकट के बीच सरकार का 2026 को किसान कल्याण वर्ष बनाने का ऐलान कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने प्रचार का मुखौटा करार दिया। भोपाल से प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने सीएम मोहन यादव के बजट बयान पर पलटवार किया कि यह किसानों की व्यथा को छिपाने की चाल है।
खेत मजबूती के दावों के उलट किसान आय ह्रास, खर्च वृद्धि, अनिश्चित फसलें और ऋण बोझ तले दबे हैं। डीजल से बिजली तक हर इनपुट महंगा हो गया, लेकिन समर्थन मूल्य की खरीदी में लापरवाही बरती जा रही।
आय दोहराने का वचन भूल चुकी सरकार आंकड़ों से भ्रम फैला रही। पटवारी ने 2023 दिसंबर से 2026 जनवरी तक आत्महत्या मामलों पर जवाब मांगा। एनसीआरबी के आंकड़े चेतावनी देते हैं। प्रभावित परिवारों के लिए क्या राहत उपाय?
वास्तविक कल्याण के लिए कानूनी एमएसपी, जल संचय, शून्य ब्याज लोन, फौरन भुगतान और विपदा प्रबंधन जरूरी। प्रचार छोड़कर नीतियां बनाएं। कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से अन्नदाताओं की लड़ाई लड़ती रहेगी।