केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली से शनिवार को民众 को संबोधित करते हुए सड़क हादसों पर चिंता जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि घायल को फौरन अस्पताल ले जाएं, मोबाइल पर वीडियो रिकॉर्डिंग बंद करें।
एक निजी अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया, भोपाल-ग्वालियर मार्ग पर घायल युवक पड़े देखा तो गाड़ी रोकी। चारों तरफ तमाशबीन थे, लेकिन उन्होंने युवक को अपनी गाड़ी में बिठाकर डॉक्टरों से संपर्क कर इलाज सुनिश्चित किया।
आंकड़े डराने वाले हैं—प्रति वर्ष 1.5 लाख मौतें। विशेषज्ञों का मानना है कि सुनहरे घंटे में मदद से आधी जानें बच सकती हैं।
उन्होंने अपील की कि समय पर हाथ बढ़ाएं तो परिवार बिखरेंगे नहीं। परोपकार हमारा फर्ज है। कानूनी डर भूलें, क्योंकि प्रशासन अब मददगारों का सम्मान करता है। चौहान का संदेश सड़कों पर जागरूकता लाएगा।