तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले गठबंधन साझेदारों के बीच सीट बंटवारे की औपचारिक चर्चा शनिवार को चेन्नई के अन्ना अरिवलयम में शुरू हो गई। कई दिनों की अनिश्चितता के बाद यह कदम गठबंधन के स्थायित्व का संकेत देता है।
कांग्रेस का चार सदस्यीय दल तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख के. सेल्वा पेरुनथागई के नेतृत्व में पहुंचा, जिसमें गिरीश चोडंकर, निवेदिता अल्वा और राजेश कुमार प्रमुख थे। डीएमके ने टी.आर. बालू की अगुवाई में सीएम स्टालिन द्वारा चुनी सात सदस्यीय टीम उतारी।
बातचीत तब अहम बनी जब कांग्रेस के टीवीके जैसे वैकल्पिक गठजोड़ की अफवाहें उड़ीं। कांग्रेस की मांग है 35+ विधानसभा सीटें और दो राज्यसभा। डीएमके 25 विधानसभा और एक राज्यसभा देने को तैयार, अधिकतम 28 तक।
चर्चा में जानकारों का मानना है कि सहयोगी दलों की संख्या के कारण अधिक सीटें देना कठिन। कांग्रेस ने कैबिनेट पदों की मांग त्याग दी, मगर नगर निगमों, मंदिर और कल्याण बोर्डों में हिस्सेदारी पर अड़े हैं।
डीएमके ने इन पर सकारात्मक रुख अपनाया। दोनों पार्टियां पुराने गठबंधन को मजबूत बनाते हुए चुनावी रणनीति को परिष्कृत करने में जुटी हैं। इन वार्ताओं का फैसला राज्य की सत्ता समीकरणों को नया आकार देगा।