28 फरवरी को पूरे देश में भारत रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की पुण्यतिथि मनाई गई। भाजपा अध्यक्ष नितिन नाबिन सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया पर उन्हें नमन किया। प्रथम राष्ट्रपति के रूप में उनका योगदान चर्चा का केंद्र रहा।
नितिन नाबिन के पोस्ट में डॉ. प्रसाद की संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और राष्ट्र निर्माण भूमिका पर जोर दिया गया। उनकी सादगीपूर्ण जीवनशैली को सार्वजनिक जीवन का मॉडल बताया। नितिन गडकरी ने अभिवादन किया।
नीतीश कुमार ने निर्वाण दिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। योगी आदित्यनाथ ने सत्य, संयम और कर्तव्यनिष्ठा से ओतप्रोत जीवन की प्रशंसा की। रेखा गुप्ता ने स्वतंत्रता संग्राम से संविधान निर्माण तक समर्पण को रेखांकित किया।
नायब सैनी ने संविधान सभा अध्यक्ष के रूप में लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला रखने का उल्लेख किया। पुष्कर सिंह धामी ने निष्पक्षता और राष्ट्रसेवा की परंपरा स्थापित करने पर शत्-शत् नमन किया।
1884 में बिहार में जन्मे डॉ. प्रसाद ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। राष्ट्रपति भवन में रहते हुए भी सादगी बनाए रखी। 1963 में पटना में उनका निधन हुआ।
इन श्रद्धांजलियों से स्पष्ट है कि डॉ. प्रसाद के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। वर्तमान नेतृत्व उनके जीवन से प्रेरणा ग्रहण कर राष्ट्रहित में कार्य कर सकता है। उनका जीवन भारतीय राजनीति को दिशा प्रदान करता रहेगा।