प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राइजिंग भारत समिट में भारत के सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला। ताकत पीढ़ीगत होती है – परंपरा, परिश्रम से। गुलामी ने आत्मविश्वास छीन लिया, आयातित विचारों ने हमारी पहचान मिटा दी। आजादी के बाद भी जकड़न बनी रही।
ट्रेड डील्स का उत्साह इसका प्रमाण: आत्मनिर्भर भारत। पूर्व की नीतिगत जकड़न में सौदे न होते। परिवर्तन चकित करता – सूर्य ऊर्जा में अव्वल, मेट्रो में तीसरा, हाईस्पीड ट्रेनें। एआई में अग्रणी, स्टार्टअप्स फल-फूल रहे।
समिट को कांग्रेस ने कलंकित करने की चेष्टा की, वैचारिक खोखलापन उजागर। हताशा-अहंकार से राष्ट्र-द्रोह। बापू को ढाल, परिवार को मान। लोकतंत्र में वैकल्पिक विजन जरूरी। जनता 40 वर्षों से अस्वीकार कर रही – 1984 से गिरावट, युवा वोटरों से सफाया।
बंगाल ने आयुष्मान ठुकराया। प्रबुद्ध भारत अब योग्य को वोट देगा।