भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने जेएनयू में हुई बवाल को तीखे शब्दों में नकारा। उन्होंने इसे तथ्यों से परे प्रदर्शन बताते हुए कहा कि देश का माहौल बिगाड़ने की साजिश रुकनी चाहिए। खुद छात्र आंदोलन के पुराने सिपाही नकवी ने याद दिलाया, ‘हमने भी विरोध किए, जेल की सजा भुगती, मगर कभी बिना आधार के हंगामा नहीं किया।’
मीडिया से बात में उन्होंने कहा, ‘तथ्यरहित और अनियंत्रित प्रदर्शन का कोई औचित्य नहीं। ये तो वातावरण विषाक्त करने का प्रयास हैं, जो कतई बर्दाश्त नहीं।’
एनसीईआरटी मामले में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की भूमिका और सरकार के सुधारवादी कदमों का जिक्र किया। ‘कोर्ट ने नोटिस लिया, सरकार आगे बढ़ रही—इसे तूल देने की जरूरत नहीं।’
कांग्रेस पर प्रहार करते हुए बोले, ‘जनता के फैसले को नकारकर यह पार्टी लोकतंत्र विरोधी रुख अपना चुकी। हर मुद्दे पर भ्रम और डर फैलाने की रणनीति गलत है। वैश्विक-सामरिक विषयों का दुरुपयोग कर जनमानस को गुमराह करना बंद हो।’
नकवी के बयान से साफ है कि सार्थक आंदोलन ही स्वागतयोग्य हैं, न कि अराजकता।