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    Home»India»पंडित रविशंकर संस्थान ने ऋषभ के दावे को बताया गलत
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    पंडित रविशंकर संस्थान ने ऋषभ के दावे को बताया गलत

    Indian SamacharBy Indian SamacharFebruary 27, 20262 Mins Read
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    ऋषभ
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    युवा सितारकार ऋषभ रिखीराम शर्मा और अनुष्का शंकर के बीच पंडित रविशंकर के अंतिम शिष्य को लेकर छिड़ी जंग में अब संगीत संस्थान उतर आया है। संस्थान ने बयान जारी कर ऋषभ के दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए तथ्यों का खुलासा किया है। हालिया आयोजन में ऋषभ द्वारा किए गए ऐलान पर अनुष्का ने आपत्ति जताई थी, जो अब संस्थागत समर्थन पा चुकी है।

    बयान में कहा गया कि पंडित रविशंकर ने ऋषभ को कुछ संगीत की बारीकियां सिखाईं जरूर, मगर कभी उन्हें औपचारिक शिष्य का दर्जा नहीं दिया। न कोई पारंपरिक समारोह, न पुजारी की मौजूदगी में घोषणा, न लंबे समय का गहन प्रशिक्षण। 2012 की उस शाम जब पंडितजी व्हीलचेयर पर ऋषभ के प्रदर्शन में पहुंचे, तो उन्होंने श्रोताओं से कहा, ‘यह नया प्रतिभाशाली लड़का अभी मेरा शिष्य बना है।’ लेकिन यह एकबारगी की बात थी, उसके बाद कभी शिष्यत्व का उल्लेख नहीं।

    संस्थान ने स्पष्ट किया कि ऋषभ को परिमल सदाफल से प्रमुख मार्गदर्शन मिला। वास्तविक अंतिम शिष्य निषाद गाडगिल और डॉ. स्कॉट आइजमैन हैं, जबकि प्रारंभिक शिष्यों में शुभेंद्र राव व अनुष्का शंकर शामिल। ऋषभ का दावा अब झूठा साबित हो चुका।

    आधुनिक प्रस्तुति से लोकप्रिय ‘शिव कैलाशों के वासी’ गाने वाले ऋषभ का यह विवाद शास्त्रीय संगीत की गुरु-शिष्य परंपरा की मजबूती दर्शाता है। मुंबई से उठा यह मामला पूरे संगीत जगत को सोचने पर मजबूर कर रहा है कि नवीनता और परंपरा का संतुलन कैसे बनाए रखें।

    Anoushka Shankar Classical Music Dispute Guru Shishya Tradition Music Institute Statement Pandit Ravi Shankar Rishabh Sharma Shiv Kailashon Ke Vaasi Sitar Disciple Controversy
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