फरवरी 27 को अमृतसर में दहशत फैलाने वाली घटना ने सबको हिला दिया। स्कूलों और शताब्दी एक्सप्रेस को बम से उड़ाने की ईमेल धमकियां मिलीं, जिससे सुरक्षा घेराबंदी शुरू हो गई। छात्रों की सुरक्षित निकासी और परिसरों की गहन तलाशी ली गई।
अभिभावक स्कूलों के बाहर जमा हो गए, जबकि पुलिस साइबर यूनिट के साथ मिलकर भेजने वाले का पता लगा रही है। बम निरोधक दल हर कोने की जांच कर रहा।
शहर में पहले भी स्कूलों को बम धमकियां झूठी साबित हुई हैं। पंजाब भर में—चंडीगढ़ से पटियाला तक—ऐसे फर्जी अलर्ट आम हो गए हैं, जो भय तो फैलाते हैं लेकिन ज्यादातर खोखले निकलते हैं।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कोई धमकी हल्के में नहीं ली जाएगी। नागरिकों से संयम बरतने और पुलिस को सूचना देने की अपील। स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बच्चों व यात्रियों की हिफाजत पहली प्राथमिकता।