कर्नाटक में गारंटी योजनाओं को लेकर मचे शोर पर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को विधान सौधा से कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अमीर तबका यदि स्वयं इन योजनाओं से किनारा कर ले तो गलत नहीं, मगर सभी स्कीम चालू रहेंगी।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने आईटी कर्मियों व सरकारी नौकरशाहों का हवाला दिया, जिन्होंने लाभ न लेने की इच्छा जताई। ‘धनाढ्य वर्ग का स्वैच्छिक बहिष्कार स्वागतयोग्य है,’ उनका कहना था।
योजनाओं बंद होने की चर्चाओं को खारिज करते हुए उन्होंने मृतकों के नाम पर धन व राशन के दुरुपयोग का जिक्र किया। ‘गृह ज्योति में यह समस्या नहीं, लेकिन अन्य जगहों पर सुधार जरूरी है। मृत बेनिफिशियरी ढूंढना चुनौतीपूर्ण है, चर्चाएं चल रही हैं।’
कुछ मंत्रियों के बयानों पर सफाई देते हुए कहा कि कई अमीर लाभार्थी ही 200 यूनिट मुफ्त बिजली आदि से वंचित रहना चाहते हैं। ‘समीक्षा हो रही है, किंतु कोई स्कीम समाप्त नहीं होगी—यह मेरा स्पष्ट संदेश है।’
मीडिया को भ्रमित न करने की चेतावनी दी। विकास पर ब्रेक लगने के आरोपों को नकारते हुए बजट में नई परियोजनाओं का वादा किया। कांग्रेस की इन चुनावी गारंटियों ने लाखों को लाभ पहुंचाया है, इन्हें मजबूती से चलाने का भरोसा दिलाया।