असम चुनाव से पहले कांग्रेस ने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया पर रोक लगाई है। लगभग 30 विधानसभा क्षेत्रों में नई सर्वेक्षण एजेंसी तैनात की गई है, क्योंकि शुरुआती सूची में खामियां पाई गईं। प्रियंका गांधी वाड्रा की पहल से यह फैसला हुआ।
पार्टी नेतृत्व ने दिल्ली एजेंसी को जमीनी हकीकत जांचने को कहा है। सूची तैयार होने के कगार पर थी, मगर जीत की क्षमता और संगठनात्मक समर्थन पर विवाद हुआ।
स्क्रीनिंग समिति की सूची जिला स्तर और पर्यवेक्षकों के इनपुट पर बनी, एआईसीसी को भेजी गई। लेकिन कई नामों पर संदेह हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, सर्वे मतदाता रुझान, समुदाय समीकरण, एंटी-इनकंबेंसी और उम्मीदवार अपील जायजेगा। राज्य में कुछ असहजता है, पर नेतृत्व इसे मजबूती का संकेत मानता है।
गठबंधन वार्ताओं से चुनौतियां बढ़ी हैं, खासकर गुटबाजी वाले क्षेत्रों में। रिपोर्ट आने पर समीक्षा होगी।
पार्टी चुप है आधिकारिक तौर पर, लेकिन देरी से बेहतर सटीक सूची का वादा है। यह कदम असम में कांग्रेस की रणनीति को नई दिशा दे सकता है।