जमशेदपुर की सड़कों पर गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का काफिला अचानक थम गया। कदमा के कार्यक्रम संपन्न कर एयरपोर्ट जा रही राष्ट्रपति बारिडीह में लोगों को देख उतर पड़ीं। यह क्षण शहरवासियों के लिए यादगार बन गया।
मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के पास भारी भीड़ उमड़ी थी। तिरंगे लहराते, उत्साहित बच्चे-बूढ़े-जवान राष्ट्रपति की प्रतीक्षा में डटे थे। काफिला नजर आते ही हर्ष नाद गूंजा।
निर्देश पर वाहन रुका। सुरक्षा परिधि में राष्ट्रपति गाड़ी से बाहर निकलीं, प्रणाम स्वीकार किया और लोगों तक पहुंचीं। मुस्कान बिखेरते हुए उन्होंने बातें कीं, करीब डेढ़ सौ मीटर पैदल चलीं।
बच्चों के बीच चॉकलेट बांटकर उन्होंने खुशियां बांटी। नन्हे-मुनन्हे आनंदित हो नाचे, माता-पिता ने फोटो खींचे। सुरक्षा व्यवस्था चुस्त रही, पर भावपूर्ण संवाद बाधित न हुआ।
स्थानीय छात्र बोला, ‘सपनों जैसा पल।’ महिला ने कहा, ‘थकान गायब हो गई उनकी आत्मीयता से।’
झारखंड यात्राओं में यह उनका अंदाज है। दिसंबर 2023 में एनआईटी कार्यक्रम के बाद आकाशवाणी चौक पर भी काफिला रोका था।
ऐसी सादगी नेतृत्व को जन-जन से जोड़ती है। विदाई पर नारों की बौछार हुई।