रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने अपनी हिंदी सलाहकार समिति का नया स्वरूप तैयार किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा इसके नए अध्यक्ष बनाए गए हैं, जबकि अनुप्रिया पटेल उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगी। गुरुवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, नड्डा आधिकारिक कार्यप्रणाली में हिंदी को मजबूत बनाने पर सिफारिशें करेंगे।
भारत के राजपत्र में समिति पुनर्गठन का प्रस्ताव दर्ज है। विशेष बात यह है कि इसमें संसद के छह सदस्य हैं। संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से मनोनीत मनोज तिग्गा, शशांक मणि (लोकसभा) तथा एस. फांगनोन कोन्याक, संजय झा (राज्यसभा)। राजभाषा समिति ने माला राज्य लक्ष्मी शाह और सतपाल ब्रह्मचारी को शामिल किया।
सरकारी पक्ष से मंत्रालय के चार सदस्य, राजभाषा विभाग के तीन तथा गैर-सरकारी क्षेत्र से विश्व हिंदी परिषद और हिंदी प्रचार सभा के प्रतिनिधि हैं। संरचना में एक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, 15 मनोनीत और 37 आधिकारिक सदस्य हैं। प्रमुख पदाधिकारियों में तीनों विभागों के सचिव हैं।
उर्वरक विभाग से सदस्य-सचिव नियुक्त होगा। कार्यक्षेत्र में हिंदी उपयोग की निगरानी, सुझाव और संवैधानिक-कानूनी अनुपालन प्रमुख हैं। केंद्रीय हिंदी समिति के फैसलों तथा गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों का कठोर पालन सुनिश्चित होगा।
तीन वर्षीय कार्यकाल वाला यह पैनल दिल्ली केंद्रित है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर बैठकें आयोजित करेगा। सदस्यता पदों से जुड़ी रहेगी और रिक्तियों की पूर्ति शेष समय के लिए होगी। नड्डा के नेतृत्व में हिंदी का सरकारी प्रयोग नई ऊंचाइयों को छुएगा, जो राष्ट्रभाषा के सम्मान को मजबूत करेगा।