कर्नाटक में कांग्रेस की आंतरिक कलह के बीच गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने मुख्यमंत्री पद की दौड़ से खुद को अलग रखते हुए कहा कि वे कोई नया विवाद खड़ा नहीं करना चाहते। समर्थकों की मुखर मांगों को स्वाभाविक बताते हुए उन्होंने हाईकमान पर भरोसा जताया।
‘मैं परेशानी नहीं बढ़ाना चाहता। समर्थक अपनी भावनाएं जाहिर करेंगे, मैंने उन्हें रोका भी, लेकिन हाईकमान ही तय करेगा,’ परमेश्वर ने स्पष्ट किया। लॉबिंग या दिल्ली दौरे से इंकार करते हुए उन्होंने भ्रम न फैलाने की अपील की।
दलित नेता के रूप में सीएम बनाने की मांग पर उन्होंने कहा, ‘यह स्वागतयोग्य है, सबकी राय महत्वपूर्ण।’ सरकारी नौकरियों के मुद्दे पर युवाओं के आक्रोश को समझते हुए बताया कि कैबिनेट चर्चा में जुटी है।
‘मेनिफेस्टो के 2.5 लाख पद भरेंगे। इंटरनल रिजर्वेशन से विलंब हुआ, लेकिन गृह विभाग के 15,000 पदों पर नोटिफिकेशन जल्द। युवाओं की उम्मीदें पूरी करेंगे।’ परमेश्वर ने आश्वासन दिया।
यह बयान पार्टी की स्थिरता और विकास कार्यों को गति देने का संकेत देता है।