बेंगलुरु में अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय का परिसर विवादों में घिर गया। इंस्टाग्राम पर ‘स्पार्क रीडिंग सर्कल’ के पोस्ट ने कुनान-पोशपोरा पर काल्पनिक ‘प्री-कश्मीर’ कार्यक्रम का ऐलान किया, जिससे एबीवीपी भड़क उठी। विरोध के बाद रजिस्ट्रार की शिकायत पर पुलिस ने पेज के खिलाफ एफआईआर की।
संस्थान ने कहा कि कोई कार्यक्रम नहीं हुआ था, पोस्ट ने गलतफहमी पैदा की और प्रतिष्ठा को धक्का पहुंचाया। कार्यकर्ताओं ने परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की, उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया। वहीं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी छात्रों को गैर-जमानती धारा में फंसाया गया।
एबीवीपी अनुमति रहित आयोजनों को आंतरिक जांच का विषय मानती है। छात्रों का तर्क है कि विश्वविद्यालय इतिहास-राजनीति पर बहस को बढ़ावा देता है, एफआईआर से यह परंपरा कमजोर हो रही है। वे प्रशासन से पुनर्विचार की अपील कर रहे हैं।
यह मामला सोशल मीडिया की अराजकता, छात्र आंदोलन और पुलिसी हस्तक्षेप पर सवाल खड़े करता है। आगे की जांच में संतुलन बनाना जरूरी होगा ताकि शैक्षणिक वातावरण सुरक्षित रहे।