रायपुर में विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कस्टोडियल डेथ्स और फर्जी केसों पर तंज कसा, कहा कि प्रशासन जनता को गुमराह कर रहा है। प्रश्नकाल से ही सदन में जोरदार बहस छिड़ गई।
बघेल ने राज्य जेलों में एक साल में हुई 66 अस्वाभाविक मौतों पर सवाल उठाए। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सदन को अवगत कराया कि 18 जांचें पूरी, 48 विचाराधीन। बघेल ने नाम और ब्योरे मांगे, शर्मा ने जानकारी देने का वादा किया।
कवर्धा पंकज साहू और कांकेर जीवन ठाकुर प्रकरणों का जिक्र कर बघेल ने आरोप लगाया कि ठाकुर को झूठे केस में जकड़ा गया। जांच क्या कहती है, बताएं। शर्मा ने पलटवार किया- गिरफ्तारी तथ्यों पर हुई। ठाकुर 12 अक्टूबर को जेल पहुंचे, अस्पताल में 13-17 अक्टूबर तक रहे।
अन्य सवालों पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल और मंत्री साहेब ने उत्तर दिए। विपक्ष का हंगामा बुधवार से जारी है। सदन में पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है।
ये घटनाएं जेल प्रबंधन की पोल खोल रही हैं। सत्र में उठे मुद्दे सरकार के लिए चुनौती बन गए हैं, जबकि विपक्ष मजबूती से हमलावर मुद्रा में है। आने वाले दिनों में और तल्ख बहसें संभावित हैं।