बागलकोट हिंसा के बाद कर्नाटक के पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु ने अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए एनआईए से जांच कराने और केंद्र स्तर पर हस्तक्षेप की मांग उठाई है। पत्र में हिंदू संगठनों के खिलाफ बढ़ते हमलों का जिक्र है।
श्रीरामुलु ने कहा कि जुलूसों के समय संवेदनशील जगहों पर बार-बार टकराव हो रहे हैं। हिंदू युवकों को निशाना बनाया जा रहा है, हमलों के बाद उन पर ही काउंटर केस ठोंके जा रहे हैं। आर्टिकल 355 का हवाला देते हुए उन्होंने जांच निगरानी और रोकथाम के मानक प्रस्तावित किए।
20 फरवरी को बागलकोट पुराने शहर में शिवाजी जयंती यात्रा पर पत्थरबाजी हुई। पुलिस कार्रवाई के बाद निषेधाज्ञा 28 फरवरी तक बढ़ी, नोटिस जारी हुए और फोर्स तैनात की गई। फिर भी, इंटेलिजेंस और पूर्व तैयारी की कमी उजागर हुई।
सितंबर 2024 की मांड्या हिंसा, मंगलुरु सुहास शेट्टी हत्या तथा कोप्पल हमले का हवाला देकर उन्होंने दंगा प्रभावित जिलों में खामियों पर चर्चा की। गृह मंत्रालय से राज्य अधिकारियों के साथ बैठक और एसओपी लागू करने का अनुरोध किया।
एसओपी में जुलूस मार्ग, समय सीमा, नो-गो क्षेत्र, शांति समितियां, आयोजकों के लिखित वादे और सुरक्षा मानचित्र शामिल हों, ताकि ऐसी घटनाएं टल सकें।