27 फरवरी को फाल्गुन शुक्ल एकादशी के रूप में रंगभरी एकादशी का पावन पर्व है। विष्णु-लक्ष्मी पूजन के साथ शिव-पार्वती विवाहोत्सव की स्मृति इससे जुड़ी है।
आमलकी व्रत से जीवन पापमुक्त होकर ऐश्वर्यपूर्ण बनता है। आंवला पूजा विशेष फलदायी। काशी में रंगों की होली इसी दिन आरंभ होती है।
पंचांग विवरण: तिथि 10:32 पीएम तक, नक्षत्र परिवर्तन 10:48 एएम, योग समाप्ति 7:44 पीएम। शुभ संयोग- सर्वार्थ सिद्धि लंबे समय तक, रवि योग प्रातःकालीन। सूर्योदय 6:48, सूर्यास्त 6:20।
उत्तम समय: ब्रह्म मुहूर्त प्रातः, अभिजित दोपहर, विजय तथा गोधूलि संध्या में।
सावधानी बरतें- राहुकाल मध्याह्न, यमगंड अपराह्न, गुलिक प्रातः, दुर्मुहूर्त व भद्रा लंबे काल तक। इनसे बचकर शुभ कार्य सिद्ध करें।