नई दिल्ली में बुधवार को थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की मौजूदगी में ‘भारत रणभूमि दर्शन अभियान’ का भव्य समापन हुआ। द्वारका से प्रारंभ यह 3,400 किलोमीटर की महायात्रा गुजरात-राजस्थान के युद्ध स्थलों, अग्रिम सीमाओं, कच्छ रण और थार रेगिस्तान जैसे चुनौतीपूर्ण इलाकों से होकर चली।
भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट द्वारा संचालित इस अभियान में आर्मी, नौसेना और बीएसएफ के 35 जवान शामिल थे। दल ने उन्नत सड़क नेटवर्क का अवलोकन किया, जो सुरक्षा और नागरिक सुगमता दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। प्रमुख युद्ध स्मारकों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। वीर नारियों, रिटायर्ड सैनिकों, छात्र दलों और सीमा गांववासियों से गहन बातचीत हुई।
नेशनल वॉर मेमोरियल पर वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न यह कार्यक्रम ऐतिहासिक स्थलों को लोगों से जोड़ने और युवाओं में देशभक्ति जगाने पर केंद्रित था। सेना प्रमुख ने इसे इतिहास संरक्षण और सेवा भाव जगाने वाला बताया। रक्षा जानकारों ने इसे सैन्य विरासत को मजबूत करने का प्रतीक माना, जो एक सुरक्षित भारत का संदेश देता है।