तेलंगाना को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बुधवार को हैदराबाद में शांतनु नारायण के साथ उनकी शिष्टाचार भेंट ने निवेश और विकास के नए द्वार खोले हैं।
बैठक में वैश्विक रुझानों जैसे मैन्युफैक्चरिंग, हरित ऊर्जा, एआई का असर और री-स्किलिंग पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों ने उभरते अवसरों को भुनाने के लिए सरकारी नीतियों पर मंथन किया।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नई योजनाओं के साथ आक्रामक रणनीति अपनाकर वैश्विक पूंजी को लुभाना होगा। तेलंगाना को उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने के सपने को साकार करने पर बल दिया गया।
एआई के भविष्य प्रभाव और उसके उपयोग पर भी विचार विमर्श हुआ। रेवंत रेड्डी ने नारायण से स्थायी मार्गदर्शन की अपेक्षा जताई।
विजन 2047 का लक्ष्य 2047 तक 3 ट्रिलियन और 2034 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है। तीन क्षेत्रीय मॉडल—शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण—इसकी रीढ़ हैं।
तेलंगाना अब वैश्विक पटल पर मजबूत कदम रखने को तैयार है, जो युवाओं के लिए अवसरों की बौछार करेगा।