हरियाणा सरकार के मनरेगा समाप्त करने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शनों को कुचलने पर सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी को तानाशाही का आरोप लगाया। चंडीगढ़ में उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता का विरोध करना अधिकार है, इसे नोटिस लगाकर रोकना अभूतपूर्व है। 22 साल से संसद में रहते हुए उन्होंने विपक्षी बीजेपी के प्रदर्शनों का जिक्र किया।
नौ जिलों में नेताओं की टीमों को घरों में नजरबंद किया गया, जबकि यूथ कांग्रेस प्रमुख उदय भानु चिब को चार दिन हिरासत में भेजा गया। यह युवाओं की आवाज दबाने की साजिश है। कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी कि बीजेपी जनआवाज से डर रही है। कार्यकर्ताओं को कैद कर लोकतंत्र की हत्या नहीं हो सकती।
हुड्डा ने जोर देकर कहा कि सत्ता का अहंकार युवा सवालों को अपराध बनाने पर तुला है। हम बीपीएल कार्डों की कटौती और मनरेगा बंद का विरोध जारी रखेंगे। संविधान हमारा संबल है, यह जनकल्याण की लड़ाई अनवरत चलेगी। राज्य में यह विवाद राजनीतिक ध्रुवीकरण को नई ऊंचाई दे रहा है।