वाराणसी, 25 फरवरी। जगद्गुरु बालक देवाचार्य महाराज ने शंकराचार्य के खिलाफ लगे आरोपों पर गहरी नाराजगी जाहिर की। पातालपुरी मठ के प्रमुख ने चेतावनी दी कि सिद्ध यदि ये आरोप सही पाए गए तो संपूर्ण संत समाज की छवि धूमिल हो जाएगी।
बातचीत में उन्होंने कहा, ‘यह आरोप गलत प्रतीत होते हैं। सत्यापित होने पर संतों से जनविश्वास समाप्त हो जाएगा। आसाराम बापू मामले ने पहले ही भारी क्षति पहुंचाई थी, जिसमें हमने उनके स्वतंत्र संप्रदाय का हवाला दिया। ईश्वर से यही कामना है कि निर्दोषता साबित हो।’
संतों की परीक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने गोस्वामी कृष्णदेवराय का स्मरण किया। वासना की प्रबलता के बीच संत पूजा-अर्चना से विकारों से दूर रहते हैं। आरोप लगाना आसान, झेलना कठिन। कोर्ट मामला होने से वे मौन हैं।
प्रयागराज में लाठीचार्ज की उन्होंने भर्त्सना की। दोषी अफसरों का तत्काल निलंबन हो। योगी जी का सम्मान है, जिन्होंने मंदिरों का पुनरुद्धार किया, किंतु यह धरती सनातन, ब्राह्मण, संतों व गौमाता की है। कोई सनातनी यह स्वीकार नहीं करेगा।
जगद्गुरु के बयान से विवाद और गहरा गया है।