दिल्ली हाईकोर्ट ने अल इंडिया महिला कांग्रेस प्रमुख अलका लांबा के खिलाफ एफआईआर पर दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजा है। अदालत ने मामले की पूरी जानकारी और जांच प्रगति की रिपोर्ट तलब की है।
बेंच ने जोर दिया कि एफआईआर के आधार और अब तक की कार्रवाई का ब्योरा जरूरी है। पुलिस को तत्काल उत्तर देने के निर्देश हैं।
लांबा की याचिका में कहा गया कि यह केस सियासी बदले की भावना से दर्ज हुआ, जिसमें कोई ठोस सबूत नहीं। रद्द करने की गुहार लगाई।
सभी को सुनवाई का मौका देने का आश्वासन देते हुए कोर्ट ने प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
पृष्ठभूमि में 2024 चुनाव पूर्व जंतर-मंतर धरना, जहां महिला quota की मांग की गई। राउज कोर्ट ने आरोपपत्र स्वीकार कर समन दिया।
जज दिग विनय सिंह ने दिसंबर 2024 के मजिस्ट्रेट आदेश को वैध माना, जिसमें हमला, बाधा और अवज्ञा के इल्जाम लगे।
क्षेत्र में पाबंदी तोड़ने और बिना अनुमति मार्च की बात कही गई। यह हाईकोर्ट नोटिस लांबा के पक्ष में मजबूत कदम है।
भविष्य में प्रदर्शनकारियों के अधिकारों पर असर डाल सकता है यह फैसला।