भारत की राजधानी को उसके मूल स्वरूप में लौटाने की मांग तेज हो गई है। बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली का नाम इंद्रप्रस्थ करने का अनुरोध किया है। यह प्रस्ताव प्राचीन इतिहास, पुरातत्व और सांस्कृतिक गौरव पर आधारित है।
महाभारत के अनुसार, पांडवों ने यमुना के किनारे इंद्रप्रस्थ बसाया था, जो वर्तमान दिल्ली का ही स्थान है। पुराना किला की खुदाई में मिले 1000 ईसा पूर्व के प्रमाण, जिसमें महाभारत कालीन मिट्टी के बर्तन शामिल हैं, इस तथ्य को बल देते हैं। खंडेलवाल का कहना है कि दिल्ली नाम बाद का है, जबकि इंद्रप्रस्थ हमारी सभ्यता की जड़ें दर्शाता है।
उन्होंने पांडव प्रतिमाओं की स्थापना और दिल्ली विधानसभा से प्रस्ताव पारित करने की सिफारिश की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भेजे पत्र में इस दिशा में त्वरित कार्रवाई का आह्वान किया गया है।
देशभर में ऐतिहासिक नामों की बहाली हो चुकी है। यह कदम भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाएगा। विशेषज्ञों की सलाह से प्रक्रिया आरंभ करने का आग्रह करते हुए खंडेलवाल ने कहा कि इससे भारत की विरासत सुरक्षित रहेगी और नई पीढ़ी इतिहास से जुड़ेगी।