दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर संजय सिंह बघेल ने भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को देश के भविष्य का मार्ग प्रशस्त करने वाला बताया। 90 के दशक की आईटी क्रांति की तुलना में एआई को अपनाने से भारत तकनीकी महाशक्ति बनेगा।
उन्होंने कहा कि आईटी को समय पर अपनाने वाले उस दौर के युवाओं ने ही आज भारत का परचम वैश्विक स्तर पर लहराया है। सुंदर पिचाई और अरविंद कृष्णा जैसे नाम इसका प्रमाण हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में यह समिट एआई का वैश्विक केंद्र बना। इसे ‘ग्लोबल एक्सीलरेट इंडिया समिट’ कहें तो बेहतर, क्योंकि यह प्रगति को गति देगा।
दुनिया जानती है कि भविष्य एआई, ऑटोमेशन और क्वांटम का है। भारत के पास सॉफ्टवेयर में सर्वश्रेष्ठ दिमाग है। इसे एआई में मोड़ें तो देश उत्पादक बनेगा। प्रोफेसर ने कहा, चार साल में पीछे न रहें वरना रेस में पिछड़ जाएंगे।
यह अवसर भारत को विश्व गुरु बनाने का है। समिट से प्रेरित होकर एआई यात्रा तेज करें।