उत्तर 24 परगना के पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र में 2026 बंगाल चुनाव तेजी से रोचक होते जा रहे हैं। कोलकाता महानगर का हिस्सा यह इलाका मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अंतर्गत आता है और दमदम लोकसभा की सात सीटों में शुमार है। सड़क-रेल कनेक्टिविटी से यह शहर से अभिन्न है।
परिसीमन के बाद 1967 से 14 चुनावों में सीपीआई(एम) ने आठ बार, कांग्रेस ने दो और तृणमूल ने चार बार जीत हासिल की। 2011 से तृणमूल का अपराजेय रिकॉर्ड है। निर्मल घोष ने प्रतिद्वंद्वियों को पटखनी दी, जिसमें 2021 में भाजपा को भारी अंतर से हराया।
लोकसभा में भाजपा ने वाम दलों को पीछे छोड़ा, 2019-24 में द्वंद्व तृणमूल-भाजपा तक सिमट गया। 2.31 लाख पंजीकृत मतदाताओं में एससी की हिस्सेदारी 5 फीसदी है। शहरी होने के बावजूद मतदान दर घूम रही है।
चावल व्यापार से उद्योगों तक का सफर तय कर चुकी पानीहाटी अब मध्यम वर्ग की बस्ती है। मेट्रो और रेल ने पहुंच आसान की। 2026 में तृणमूल आगे, लेकिन भाजपा की मजबूती और गठबंधनों से उलटफेर संभव।
संगठन, विकास और वोटर टर्नआउट निर्णायक होंगे। पानीहाटी बंगाल की शहरी राजनीति का आईना बन सकती है।