मेघालय विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने विशेष विकास निधि पर लगे अस्पष्टता के आरोप ठुकरा दिए। उन्होंने इसे जनहितकारी योजना करार दिया, जो राज्य के कोने-कोने में सक्रिय है।
विधायकों के सवालों का जवाब देते हुए सीएम ने उनकी बातें मानीं, किंतु पारदर्शिता पर अडिग रहे। आवंटन में राजनीतिक प्रभाव शून्य है—निर्णय आवश्यकताओं से प्रेरित होते हैं।
‘लाभार्थी किसी भी दल के हो सकते हैं, हम भेदभाव नहीं करते,’ सदन को बताया। योजना के फायदे ग्रामीणों और शहरी क्षेत्रों दोनों में दिख रहे हैं।
संदेहास्पद नजरिए को त्यागने का आह्वान किया। हर विधायक को सालाना 10 लाख की सिफारिश का अधिकार है। मवलाई के विधायक को उनकी समस्याओं पर जांच का वचन दिया।
पुरानी व्यवस्था में शहरी-ग्रामीण विभाजन से विलंब होता था, अब प्रक्रिया सरल है। वित्तीय वर्ष 2025-26 का पूरा 50 करोड़ खर्च: पश्चिम गारो हिल्स (13.6 करोड़), पूर्वी खासी हिल्स (12.88 करोड़), दक्षिण-पश्चिम गारो हिल्स (5.1 करोड़) समेत सभी जिलों में वितरण।
विधायक, ग्राम निकाय, गैर-सरकारी संगठन और नागरिक सीएम सचिवालय के जरिए आवेदन कर सकते हैं। यह खुली नीति विकास को निष्पक्ष बनाती है।