दिल्ली पुलिस की ओर से यूथ कांग्रेस के चीफ उदय भानु चिब को हिरासत में लेने पर पूर्व सीएम हरीश रावत भड़क गए। देहरादून से आईएएनएस को दिए बयान में उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया।
रावत ने चिंता जताई कि एआई समिट विरोध और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन पर ऐसी कठोरता लोकतंत्र के लिए खतरा है। ‘देशहितों पर चोट पहुंचाने वाली नीतियों का विरोध जताना अपराध नहीं। युवाओं को अपराधी साबित करने की कोशिश निंदनीय है। कानूनी उल्लंघन हो तो साबित करें, अन्यथा यह दमन है,’ उन्होंने जोर देकर कहा।
रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘भगत सिंह जैसे नायकों ने भी इसी तरह संघर्ष किया। शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का अभिन्न अंग है। ट्रेड समझौते के काले कारनामों को बेनकाब करना कतई गुनाह नहीं। कांग्रेस समूचा साथ देगी।’
यह विवाद राजनीतिक तनाव को बढ़ा रहा है, जहां विपक्ष सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठा रहा है। भविष्य में ऐसी घटनाएं और बहस को तेज कर सकती हैं।