भोपाल के लिए रवाना होते हुए राहुल गांधी ने रास्ते में एक दुर्घटनाग्रस्त ऑटो चालक को संज्ञान में लेते हुए काफिला अचानक रोका। दिल्ली स्थित आवास के निकट यह मुलाकात हुई, जहां लोकसभा में विपक्ष नेता ने चालक की कुशलक्षेम पूछी और इलाज के लिए सहायता सुनिश्चित की।
गांधी ने टीम को उचित चिकित्सा व्यवस्था के आदेश दिए। चालक ने साझा किया कि राहुल जी ने घटना की पूरी जानकारी ली और तुरंत अस्पताल जाने को कहा।
एक ओर जहां यह संवेदनशीलता दिखी, वहीं भोपाल में खड़गे-गांधी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध करने पहुंच रहे हैं। पार्टी का तर्क है कि यह किसानों पर कहर बनकर टूटेगा, सोयाबीन-मक्का-कपास जैसी फसलों के दाम लुढ़क चुके हैं।
पटवारी ने इसे ‘बंदूक की नाल पर थोपा गया समझौता’ बताया और केंद्र की नीति की आलोचना की। कार्यक्रम स्थल पर विशाल मंच और गुंबद तैयार हैं, जहां 250 से अधिक नेता शामिल होंगे। यह किसान आंदोलन मप्र से बिहार तक फैलेगा।
राहुल का यह व्यवहार राजनीतिक यात्रा के बीच जनसेवा की मिसाल पेश करता है, जो कांग्रेस की किसान हितधारा को मजबूत बनाता है।