झारखंड सरकार ने विधानसभा में 1,58,560 करोड़ रुपये का भव्य बजट प्रस्तुत किया, जिसे ‘अबुआ दिशोम’ नाम दिया गया। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की समावेशी विकास की दृष्टि बताया।
यह बजट पिछले बजट से 9% बड़ा है और सामाजिक न्याय, सतत प्रगति पर बल देता है। ‘अपना झारखंड’ बनाने का वादा करते हुए मंत्री ने कहा कि यह हर नागरिक की खुशहाली सुनिश्चित करेगा।
केंद्र पर हमला बोलते हुए 16,000 करोड़ की फंडिंग कमी का जिक्र किया- टैक्स शेयर में 5,000, अनुदान में 11,000 करोड़। जीएसटी युक्तिकरण से 4,000 करोड़ हानि, मनरेगा बोझ 5,640 करोड़, कोयला बकाया 1.36 लाख करोड़।
फिर भी, मंईयां सम्मान पर 13,000 करोड़ व्यय, वेतन नियमित, राजस्व अनुमान 66,700 करोड़ तक पहुंच।
महिला सम्मान योजना को 14,065 करोड़, कुल महिला विभाग बजट 22,995 करोड़। स्वास्थ्य के लिए 7,990 करोड़- 200 करोड़ कैंसर के लिए, 750 दवाखाने। सर्वजन पेंशन 3,517 करोड़।
कृषि मजबूती: बिरसा योजना 145 करोड़, सौर सिंचाई 75 करोड़, यंत्र वितरण 80 करोड़, बीमा 400 करोड़। ग्रामीण क्षेत्र को 12,346 करोड़, सखी मंडल ‘पलाश’ पर 66 करोड़।
शिक्षा पर 18,815 करोड़ वितरित। राजस्व व्यय 1,20,851 करोड़, पूंजीगत 37,708 करोड़। घाटा 2.18%, डेट अनुपात 25.3%। झारखंड अब मजबूत कदमों से आगे बढ़ेगा।