कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य को आकार देने वाली ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ अब 91 देशों व संगठनों के हस्ताक्षरों से मजबूत हो गई है। मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय द्वारा दी गई इस सूचना ने नई दिल्ली को एआई सहयोग का वैश्विक केंद्र बना दिया।
पिछले सप्ताह संपन्न एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में अपनाई गई घोषणा शुरू में 88 समर्थकों वाली थी, जो 21 फरवरी तक का आंकड़ा था। इसके बाद बांग्लादेश, कोस्टा रिका व ग्वाटेमाला जुड़ने से संख्या 91 पर पहुंची।
सार्वभौमिक कल्याण के भारतीय सिद्धांतों से प्रेरित यह दस्तावेज एआई को आर्थिक उन्नति व सामाजिक सुख के साधन के रूप में देखता है। बहु-पक्षीय भागीदारी, संप्रभुता सम्मान और सुलभ एआई प्रणालियों पर विशेष बल।
एआई के माध्यम से अर्थव्यवस्था में बदलाव, खुली स्रोत प्रणालियां, ऊर्जा बचत वाली संरचनाएं तथा सार्वजनिक क्षेत्रों में एआई एकीकरण प्रमुख बिंदु हैं। सशक्त डिजिटल नेटवर्क बिना एआई की पूरी क्षमता असंभव।
विश्व को एक परिवार मानते हुए घोषणा सस्ते एआई संसाधनों की वकालत करती है, जिससे हर राष्ट्र अपने लोगों के हित में इसका उपयोग कर सके। विश्वसनीय एआई ही सामाजिक-आर्थिक समृद्धि का आधार बनेगा। यह भारतीय नेतृत्व वैश्विक मंच पर नया मानक स्थापित कर रहा है।