तमलुक के चांदीपुर ब्लॉक ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को थ्रिलर बना दिया है। सिने स्टार सोहम चक्रवर्ती के विधायक रहते यह टीएमसी का मजबूत किला रहा, लेकिन 2024 के लोकसभा परिणामों ने सवाल खड़े कर दिए।
पूर्वी तटीय ग्रामीण क्षेत्र में बंगाल की खाड़ी से सटा चांदीपुर नदियों का जाल है। ये नदियां कृषि को समृद्ध करती हैं—धान, आलू, दालें, तिल, सब्जियां, पान—और मछली उद्योग को बढ़ावा देती हैं। बाढ़ का खतरा हमेशा मंडराता।
किसानी व मछली पालन पर निर्भर अर्थव्यवस्था में प्रगति सुस्त। बिजली-पानी तो है, सड़कें-ट्रांसपोर्ट नहीं। तमलुक 25-27 किमी दूर, रेल मार्ग कोलकाता तक। आसपास हल्दिया आदि, लेकिन चुनौतियां बरकरार।
कांथी लोकसभा का हिस्सा बनी 2011 से टीएमसी ने कब्जा जमाया। अमिय कांति की जीतें, फिर 2021 में सोहम का कमाल। भाजपा का उभार रुका। लेकिन 2024 लोकसभा में चांदीपुर में भाजपा आगे—842 वोटों से। मनोवैज्ञानिक जीत।
जागरूक वोटर, उच्च मतदान। कोई एक जाति हावी नहीं। 2026 विधानसभा में टीएमसी का दांव चलेगा या भाजपा सेंध लगाएगी? नतीजे बताएंगे।