एआईएमआईएम द्वारा रमजान में शराब दुकानों पर ताले लगाने की अपील के जवाब में वीएचपी ने कड़ा रुख अपनाया। राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने गुरुवार को कहा कि पार्टी को जन्नत की शराब नदियों पर अपना रवैया स्पष्ट करना चाहिए। ‘जीवन में शराब न पीने का दावा करते हुए स्वर्ग में शराब, शबाब और हूरें क्यों? युवाओं को जिहाद के बहाने कट्टर बनाते हैं। यहां बंदी क्यों अगर वहां इच्छा है?’
तेलंगाना जैसी छुट्टियों की महाराष्ट्र चर्चा पर बंसल ने चेतावनी दी। ‘सांप्रदायिक तुष्टिकरण गलत है। अबू आजमी आतंकी पिता जैसे बयान देते हैं। सोच-समझकर बोलें।’ मौलाना मदनी के घर वापसी वाले गुस्से पर उन्होंने व्यंग्य किया। ‘शांति का उपदेश दें न कि हिंसा का। डरने वाले घर वापसी से घबरा जाते हैं।’
यह टकराव भारत की धर्मनिरपेक्षता को परखता है। वीएचपी समानता की बात करता है जबकि एआईएमआईएम धार्मिक सम्मान। आने वाले दिनों में बहस और तेज होगी।