भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने वैश्विक पटल पर भारत की एआई क्षमताओं को नई पहचान दी। इसकी सफलता पर सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर्स और कम्प्यूटिंग में भारत के विशाल निवेशों को रेखांकित किया, बताते हुए कि सर्बिया भी इसी राह पर अग्रसर है।
वुसिक ने अपने संबोधन में कहा, ‘एआई पर इतने भव्य आयोजन के लिए भारत को हार्दिक बधाई। यह अब मीडिया हो या सोशल नेटवर्क्स, हर जगह चर्चा का केंद्र है।’ उन्होंने समिट को सहयोग और ज्ञान आदान-प्रदान का आदर्श मंच माना, जो संतुलित एआई विकास और वैश्विक समस्याओं के समाधान में योगदान देगा। पीएम मोदी के उद्बोधन को प्रेरणास्रोत बताया।
समिट से इतर पीएम मोदी और वुसिक के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। विदेश मंत्रालय के रणधीर जायसवाल ने ट्वीट कर जानकारी दी कि दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों का जायजा लिया और विस्तार की योजनाएं बनाईं।
चर्चा के केंद्र में रहे व्यापारिक साझेदारी, निवेश, एआई, वित्तीय प्रौद्योगिकी, शिक्षा, खेतीबाड़ी, पर्यटन व सांस्कृतिक आदान-प्रदान। वैश्विक व क्षेत्रीय परिदृश्य पर भी बात हुई तथा दोनों ने भारत-सर्बिया मित्रता की मजबूती पर बल दिया।
इस पांच दिवसीय महाकुंभ में 110+ देशों व 30 संगठनों की भागीदारी रही, जिसमें 20 राष्ट्रप्रमुख व 45 मंत्री शामिल हुए। भारत के ‘सर्वजन हिताय’ दर्शन व ‘एआई फॉर ह्यूमैनिटी’ के वैश्विक लक्ष्य के अनुरूप यह समिट दोनों देशों के रणनीतिक बंधन को सशक्त बनाएगा।