फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों ने नई दिल्ली में राफेल विवाद पर सवाल उठाने वालों को ललकारा। इंडिया एआई समिट पर आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने बताया कि सौदा भारत के हित में है।
भारत-फ्रांस को विशेष वैश्विक साझेदारी मानते हुए मैक्रों ने समिट उद्घाटन और एक्सपो दौरा किया। सहयोग नई पटरी पर है, उन्होंने कहा।
स्वदेशी कंपोनेंट्स बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई, जो सरकारी वार्ताओं में शामिल है। आलोचकों से पूछा, इसकी आलोचना क्यों? भारत को ताकत, मजबूत रिश्ते और नौकरियां मिलेंगी।
मेड इन इंडिया को प्राथमिकता देंगे, राफेल में भारतीय पुर्जे अधिक होंगे। टाटा-एयरबस एच-125 असेंबली लाइन इसका उदाहरण, जो मोदी-मैक्रों द्वारा शुरू की गई। यह ‘मेक इन इंडिया’ को गति देगी।
पीएम मोदी को जून में जी7 के लिए फ्रांस बुलाया। 114 राफेल खरीद मंजूर होने पर सह-निर्माण और पनडुब्बी सौदे की इच्छा जताई। यह रक्षा सहयोग भारत की प्रगति का प्रतीक बनेगा।