जम्मू विश्वविद्यालय में प्रो. अशोक कौल की किताब ‘कश्मीर-नेटिविटी रीगेन्ड’ का लोकार्पण करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के व्यापक परिवर्तन पर प्रकाश डाला। पुस्तक 1989-90 के कश्मीरी पंडितों के éxodus की भयावहता को बयान करती है, जिसमें भय और तबाही की कहानी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मजबूत प्रतिबद्धता का हवाला देते हुए उन्होंने पंडितों की वापसी का भरोसा दिलाया। 2019 के बाद क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया है, आतंकी साजिशें विफल हुईं, विकास को बल मिला और आतंक का अंत नजदीक है।
किताब को सच्चाई का आईना बताते हुए सिन्हा ने समुदाय के अदम्य इरादे की सराहना की। विस्थापन के बावजूद उन्होंने अपनी पहचान बचाई। संपत्ति पुनर्वास के लिए वेब पोर्टल शुरू हुआ, जो विस्थापन दर्द को कम करेगा।
आतंकवादियों और उनके आकाओं को सबक सिखाने का संकल्प जताया, जिन्होंने मुसलमानों समेत हजारों को मारा। अनुच्छेद 370 के खात्मे से लौटने का विश्वास मजबूत हुआ। जम्मू-कश्मीर की पुनर्रचना में पंडित महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, प्रकाशक और छात्र शामिल हुए।