गढ़चिरौली से माओवाद के खिलाफ बड़ी जीत की खबर। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि सुरक्षा दलों ने जिले के अंतिम 44 नक्सली स्मारकों को नेस्तनाबूद कर दिया। ये अति दुर्गम क्षेत्रों में डर फैलाने वाले चिह्न थे।
एक्स पोस्ट में फडणवीस ने गढ़चिरौली पुलिस को सराहा। ‘यह भौतिक ध्वंस ही नहीं, लोकतंत्र-विरोधी सोच पर प्रहार है,’ उन्होंने कहा। माओवादियों ने ग्रामीणों में भय पैदा करने हेतु इन्हें खड़ा किया था।
सरकार की दृढ़ रणनीति—निरंतर ऑपरेशन, सरेंडर पॉलिसी, विकास योजनाएं व स्थानीय सहयोग—ने परिवर्तन लाया। 800 जवानेांे की टीम ने संवेदनशील इलाकों—एतापल्ली, हेदरी, भामरागड, जिमलागट्टा, धनोरा, पेंढारी—में अभियान चलाया।
बीडीडीएस टीम की पड़ताल पर वन्य क्षेत्रों के स्मारक उड़ाए गए। आतंक के अवशेष मिटे, विकास की आशा जगी। फडणवीस बोले, गढ़चिरौली अब भयमुक्त। यह हिंसा से शांति, अविश्वास से एकजुटता की ओर संक्रमण है।
यह संदेश साफ है—माओवाद का स्थानांतरित होना अस्वीकार्य। कानून व्यवस्था मजबूत, शांति स्थापित, बल जनरक्षा में तैनात।