मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान आवारा कुत्तों का मुद्दा गरमाया। भोपाल में बढ़ते कुत्तों के आतंक पर कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने सदन में ध्यान दिलाया। उन्होंने नगर निगम की नसबंदी-टीकाकरण योजनाओं को नाकाम ठहराया, जहां दो करोड़ के खर्च के बावजूद 40-50 दैनिक काटने की घटनाएं जारी हैं।
अकील ने चेताया कि यह अब महज परेशानी नहीं, जन स्वास्थ्य का संकट है। ज्यादातर बच्चे व वृद्ध शिकार हो रहे। मंत्री विजयवर्गीय ने पलटवार किया- डॉग स्क्वॉड कार्रवाई कर रहा, 26,900 टीके लगे, वैक्सीन स्टॉक पर्याप्त। मौतें नकारते हुए उन्होंने कहा, ‘परंपरा निभाएं, कुत्तों को भूखा न छोड़ें।’
सदन में ठहाके लगे जब शेखावत ने आलोचना की तो शर्मा ने मजाक उड़ाया। वैक्सीन कमी पर अन्य विधायकों ने चिंता जताई। सिंघार ने इंदौर भागीरथपुरा के 35 जल-जनित मौतों पर बहस की मांग की, भाजपा की चुप्पी पर सवाल उठाए।
शहरों में कुत्ता समस्या व दूषित पानी चुनौतियां हैं। प्रभावी उपाय, जागरूकता व संसाधन बढ़ाकर ही समाधान संभव। सरकार को व्यापक रणनीति अपनानी होगी।