तेलंगाना की राजनीति में हलचल मचाने वाली कलवकुंतला कविता ने मंगलवार को हैदराबाद के प्रजा भवन पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। तेलंगाना जागृति के बैनर तले एकत्र हुईं 1000 से ज्यादा महिलाओं ने कांग्रेस सरकार से चुनावी वादों को पूरा करने की मांग की।
कविता ने आगे बढ़कर आंदोलन संभाला और नारों के बीच महिलाओं के अधूरे सपनों को आवाज दी। दुल्हन को सोना, लड़कियों को स्कूटर और मासिक 2500 रुपये की मदद—ये वादे अब तक अधर में लटके हैं।
ज्ञापन सौंपते हुए उन्होंने बजट सत्र में फंडिंग सुनिश्चित करने की बात कही। आंगनवाड़ी व आशा वर्कर्स के वादों पर भी निशाना साधा। कांग्रेस को ‘धोखे का प्रतीक’ बताते हुए कहा कि 26 महीनों में कोई प्रगति नहीं हुई।
चुनावी घोषणापत्र के अनुसार 4000 रुपये पेंशन, वृद्धावस्था भत्ता व दिव्यांग सहायता पर भी अमल की मांग तेज। कविता ने पिता केसीआर के जन्मदिन पर एक्स पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
बीआरएस से निष्कासन और इस्तीफे के बाद वे तेलंगाना जागृति पर केंद्रित हैं। राज्य आंदोलनकालीन यह संगठन अब उनका प्रमुख मंच है। तीन माह में नई पार्टी की घोषणा का ऐलान भी किया।
महिलाओं का यह गुस्सा सरकार के लिए चेतावनी है, जो वादों को हकीकत में बदलने को विवश होगी। कविता का उभार तेलंगाना की सियासत को नया मोड़ दे सकता है।