भारत के रक्षा विनिर्माण को नई गति मिली है। कर्नाटक के वेमगल में टाटा और एयरबस के सहयोग से एच-125 हेलीकॉप्टर की अंतिम असेंबली इकाई का उद्घाटन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने किया। उन्होंने इसे स्वदेशी उत्पादन की मजबूत कड़ी बताया।
समारोह में सिंह ने परियोजना को सराहा जो उच्च स्तरीय साझेदारी का प्रतीक है। विदेशी फर्मों द्वारा भारतीय छोटे उद्योगों से पुर्जे लेने का जिक्र कर वे और मजबूत एकीकरण, तकनीकी आदान-प्रदान और संयुक्त नवाचार पर उत्साहित दिखे।
2014 से चली आ रही ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भरता अभियान को पीएम मोदी की पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब प्रगतिशील साझेदारियों से लक्ष्यों की ओर अग्रसर है।
दस वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश योजनाएं, पीएलआई स्कीम और नीतिगत सहूलतों ने निवेशकों को लुभाया है। देश में औद्योगिक माहौल अनुकूल बन गया।
इस प्रोजेक्ट से 1000 करोड़ का निवेश आएगा, जिससे कुशल युवाओं को अपार नौकरियां मिलेंगी। विनिर्माण और सप्लाई चेन दोनों मजबूत होंगे।
सुधारों के फलस्वरूप रक्षा उत्पादन में निजी हिस्सेदारी 25% पहुंची, निर्यात बूम हुआ, सहायक इकाइयां 16,000 से ऊपर। लघु उद्योगों और स्टार्टअप्स को प्राथमिकता मिली।
सिंह ने इस उद्घाटन को रक्षा आत्मनिर्भरता के सफर में महत्वपूर्ण पड़ाव घोषित किया।