तमिलनाडु विधानसभा में पेश अंतरिम बजट में वित्त मंत्री थंगम थेन्नारसु ने चेतावनी दी कि राज्य का सार्वजनिक ऋण 2026-27 में 10.71 लाख करोड़ रुपये को छू लेगा।
2025-26 के संशोधित आंकड़ों में 9.52 लाख करोड़ का अनुमान था, जो मूल 9.29 लाख करोड़ से ऊपर है। चेन्नई मेट्रो फेज-2 के 9,523 करोड़ का केंद्र द्वारा समायोजन न होने से आंकड़े फूल गए हैं।
इसके बिना वास्तविक कर्ज 2025-26 में 9.42 लाख करोड़ और 2026-27 में 10.62 लाख करोड़ होगा। नया उधार 1.79 लाख करोड़ और चुकौती 60,413.42 करोड़ प्रस्तावित है, जीएसडीपी अनुपात 26.12 प्रतिशत।
राजस्व घाटा 48,696.32 करोड़ रहेगा, पिछले वर्ष के संशोधित 69,219 करोड़ से उतराव। जीएसटी में कमी, केंद्र फंड रुकना और बिजली घाटा फंडिंग ने पिछला घाटा बढ़ाया।
वित्तीय घाटा 1.21 लाख करोड़ (जीएसडीपी का 3%) अनुमानित, जो सुधार दर्शाता है। मंत्री ने केंद्र के सहयोग की कमी पर नाराजगी जताई। राज्य विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने को प्रतिबद्ध है।