हिंदू पंचांग दैनिक जीवन का मार्गदर्शक है, जिसमें तिथि-नक्षत्र-योग-करण-वार मिलकर शुभ फल बताते हैं। 18 फरवरी को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा तिथि 4:57 अपराह्न तक रहेगी, उसके बाद द्वितीया प्रारंभ।
यह बुधवार गणपति बप्पा को अर्पित है। बाधा नाशक गणेश की पूजा से सुख-समृद्धि मिलेगी। दूर्वा, लाल सिंदूर, सुपारी वाला पान, सुगंधित इत्र, लावा, काले तिल और मोदक-खीर-हलवा भोग चढ़ाएं। संपत्ति वृद्धि निश्चित।
पंचांग विवरण: शतभिषा नक्षत्र 9:16 पम तक, फिर पूर्व भाद्रपद। शिव योग 10:45 रत्रि तक। बव करण 4:57 तक। कुम्भ राशि में चंद्र। सूर्य उगना 6:57, अस्त 6:13 बजे।
उत्तम मुहूर्त—ब्रह्म मुहूर्त प्रात: 5:15-6:06, अमृत काल 2:04-3:40 अपराह्न, विजय मुहूर्त 2:28-3:13, गोधूलि 6:11-6:36 संध्या। ये पूजा-पाठ, मंत्र जप या उद्यम प्रारंभ के योग्य।
सावधान रहें: राहुकाल 12:35-2:00 दोपहर में शुभकार्य वर्जित। यमगंड प्रात: 8:22-9:46, गुलिक काल 11:11-12:35। पंचक योग सारे दिन, इसलिए कुंडली मिलान वाले काम स्थगित रखें। विवेक से कार्य सिद्ध करें।