मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल के पंजीकरण भवन में साइबर पंजीकरण कार्यालय की शुरुआत की, जो मध्य प्रदेश में ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में बड़ा आयाम है। सरकार विकास के साथ प्रशासन को पारदर्शी, तेज और जनहितकारी बनाने के लिए कटिबद्ध है।
उद्घाटन के बाद यादव ने कहा कि कागज रहित व नकदी रहित सिस्टम पर्यावरण और पारदर्शिता के लिए जरूरी हैं। प्रदेश ने 75 से ज्यादा सेवाओं- ऋण, पावर ऑफ अटॉर्नी, खनन लीज, हलफनामा आदि का ऑनलाइन साइबर रजिस्ट्रेशन शुरू कर देश में नंबर वन स्थान हासिल किया है।
संपदा पोर्टलों के सफल कार्यान्वयन के बाद साइबर सिस्टम शासन में नया अध्याय जोड़ रहा है। सीएम ने सरकारी स्थानांतरण दस्तावेजों को पेपरलेस बनाने की घोषणा की।
हाउसिंग बोर्ड व डेवलपमेंट अथॉरिटी के ट्रांसफर अब घर बैठे वीडियो वेरिफिकेशन से पूरे होंगे। इससे यात्रा और खर्च में भारी कटौती होगी। वित्तीय लक्ष्यों को पार करने के लिए साइबर सुविधा का उपयोग करने को कहा।
जगदीश देवड़ा ने संपदा 2.0 के जरिए ई-स्टैंपिंग को मजबूत बताया। यह कदम भ्रष्टाचार रोकेगा और सेवाओं को त्वरित बनाएगा, जिससे मध्य प्रदेश डिजिटल भारत का मॉडल बनेगा।