पंजाब के मोगा में सोमवार को आयोजित एक सभा में अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ अभियान को मजबूत करते हुए भाजपा, शिरोमणि अकाली दल व कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने इन पार्टियों पर राज्य को नशीले पदार्थों के जाल में फंसाने का इल्जाम लगाया।
केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि पहली बार कोई सरकार नशा माफिया के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ रही है। एक वर्ष में 2,000 किलो ड्रग्स बरामद, बड़े तस्कर धराए और उनके महल ढहाए गए। उन्होंने पंजाबियों से अपील की कि पुराने खिलाड़ियों को मौका न दें।
मान ने अभियान को आप की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया, जिसमें प्रवर्तन के साथ रोकथाम पर फोकस है। गांव-गांव खेल सुविधाएं और नौकरियां युवाओं को नशे से बचाएंगी।
1 मार्च से शुरू हुए इस युद्ध में शुरुआत में संशय था, क्योंकि लोग पूर्व शासकों के धोखे से आहत थे। तस्करों के आतंक से जानकारी छिपाई जाती थी। पुलिस की बेदम कार्रवाई ने परिवर्तन लाया। मान ने ‘चिट्टा’ को दुश्मनी का हथियार करार दिया और पुरानी सत्ताओं पर सरकारी साधनों से तस्करी का आरोप लगाया। गहन जांच से चेन भंग, भुक्तभोगी पुनर्स्थापित और संपत्ति जब्त। पंजाब की यह लड़ाई सफलता की ओर है।